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आतंकवाद पर नेताओं के शर्मनाक बयान

Posted On: 15 Jul, 2011 Others में

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13 जुलाई, 2011 को मायानगरी मुंबई एक बार फिर दहल गई. एक के बाद एक तीन बम धमाकों ने करीब तीस लोगों की जान ले ली और कई सौ लोगों को अस्तपाल में मरने के लिए छोड़ दिया. हादसे की तस्वीरें इतनी भयानक थीं कि एक समय लोगों की रूह भी कांप गई थी. लोगों के अंग विस्फोट से बिखर गए थे. हादसा इतना भयानक था कि आसपास के इलाकों में भी इसकी गूंज साफ सुनने को मिली. विस्फोट के बाद लोगों की चीख-पुकार ने मन को दया और करुणा से भर दिया था. लेकिन लगता है मानवीय भावनाओं का सागर हमारे नेताओं के दिलों में सूख गया है. तभी तो वह विस्फोट के बाद घायलों की मदद करने की बजाय अपनी राजनीति चमकाने में लग गए. देश की सत्ताधारी पार्टी के आला नेता तो ऐसा बयान देते हैं जिन्हें सुनकर मन करता है कि कभी वोट ही ना डालने जाएं.


13 जुलाई, 2011 को शाम 7 बजे तक मुंबई में कई मौते हो चुकी थीं तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा के कई अहम नेता एक फैशन शो का मजा लूट रहे थे. एक तरफ अभिनेत्री ऐश्वर्या राय ने एक सम्मान समारोह को मुंबईवासियों की मौत की वजह से टाल दिया तो वहीं दूसरी तरफ एक कांग्रेसी नेता ने भारत में आतंकवाद को पाकिस्तान से बेहतर बताया.


आइए जरा एक नजर डालते हैं हमारे देश के नेताओं के बयान पर जो उन्होंने इस बम विस्फोट के बाद दिया है.


Manmohan singhप्रधानमंत्री मनमोहन सिंह: भविष्य में हमले रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी सरकार और दोषियों को सजा अवश्य मिलेगी.


क्या बात है मनमोहन सिंह जी. बहुत खूब कही आपने लेकिन लगता है आप कसाब को भूल गए. काफी साल पहले कसाब नाम का एक आतंकवादी मुंबई में 26/11 हमलों के दौरान पकड़ा गया था. सीसीटीवी कैमरों से पुष्टि हुई थी कि उसने निहत्थे लोगों पर गोली चलाई लेकिन क्या करें हमारे देश में तो कुत्तों का भी मानवाधिकार होता है सो उसे अब तक दामाद की तरह जिंदा रखा गया है.


Rahul_B-1_17_12_2010राहुल गांधी: हर हमले को रोक पाना संभव नहीं है.


राहुल गांधी ने ऐसा बयान देकर उन सभी लोगों को सही साबित कर दिया है जो राहुल जी को अमूल बेबी की संज्ञा देते हैं. राहुल गांधी शायद भूल गए कि अमेरिका में 9/11 के बाद कोई दूसरी आतंकवादी घटना नहीं हुई. और भारत में तो साल में एक बार कोई ना कोई बड़ा आतंकवादी हमला होता ही है. क्या राहुल गांधी ने अभी तक सिर्फ गरीबों के बीच खाना खाना और भाषण देना ही सीखा है? जो लोग उनकी तुलना राजीव गांधी जैसे महान नेता से करते हैं वह शायद अपने आंकलन में गंभीर भूल कर रहे हैं.


digvijay singhदिग्विजय सिंह: भारत में आतंकवादी हमलों की हालत पाकिस्तान से बेहतर है.


दिग्विजय सिंह का क्या कहना. पता नहीं कांग्रेस में इनका काम क्या है. शायद विवादित बयान देने की वजह से ही कांग्रेस ने उन्हें टीम में रखा हुआ है. दिग्विजय सिंह के हालिया बयान ने साबित कर दिया है कि उनकी नजर में भारत और पाकिस्तान एक समान हैं.


अन्य और भी कई नेताओं ने अपना दुख जाहिर किया है लेकिन इन तीन महानुभावों के कथनों पर देश को शायद शर्म महसूस हो रही होगी. इतना सब होने के बाद भी हमने कसाब और अफजल गुरु को क्यूं जिंदा रखा है? क्या हम एक और आतंकवादी हमले का इंतजार कर रहे हैं या सरकार और दो साल इंतजार करना चाहती है. फिर चुनाव से पहले इन्हें फांसी देकर हीरो बनने का इरादा है मनमोहन जी का.


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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

akhil के द्वारा
July 18, 2011

Rahul Gandhi – “it was virtually impossible to stop all terrorist attacks.” I agree with the statement because most of the times attackers comes from inside only, but not thinking about the future attacks if we think about the past attacks, What congress is doing in favor of the country they are protecting terrorists, taking care of them. Afzal Guru and ajmal kasab are only few names to say and all things comes as a open book. Afzal Guru, was convicted of conspiracy in the December 2001 attack on the Indian Parliament and was sentenced to death by the Supreme Court of India in 2004. The sentence was scheduled to be carried out on 20 October 2006. Afzal was given a stay of execution and remains on death row. Mohammed Ajmal Amir Kasab has been sentenced to death for attacking Mumbai and killing 166 people on November 26, 2008 along with nine Pakistani terrorists. He was found guilty of 80 offences, including waging war against the nation, which is punishable by the death penalty. Congress talks about Maulana Masood Azhar who was released In December 1999, he was freed by the Indian government(NDA) in exchange for passengers on the hijacked Indian Airlines Flight 814 (IC814). Is congress also waiting for a hijack to be done or INC itself planning for an event like Hijack to release these terrorist.Congress is waiting for how many evidence to prove these terrorist guilty. For most of the years since independence, the federal government has been guided by the Indian National Congress (INC), From 1950 to 1990, barring two brief periods, the INC enjoyed a parliamentary majority. The INC was out of power between 1977 and 1980, when the Janata Party won the election owing to public discontent with the corruption of the then Prime Minister Indira Gandhi. In 1989, a Janata Dal-led National Front coalition in alliance with the Left Front coalition won the elections but managed to stay in power for only two years. As the 1991 elections gave no political party a majority, the INC formed a minority government under Prime Minister P.V. Narasimha Rao and was able to complete its five-year term. The years 1996–1998 were a period of turmoil in the federal government with several short-lived alliances holding sway. The BJP formed a government briefly in 1996, followed by the United Front coalition that excluded both the BJP and the INC. In 1998, the BJP formed the National Democratic Alliance (NDA) with several other parties and became the first non-Congress government to complete a full five-year term. In the 2004 Indian elections, the INC won the largest number of Lok Sabha seats and formed a government with a coalition called the United Progressive Alliance (UPA), supported by various parties.[5] In the 2009 Lok Sabha Elections, it won again with a surprising majority, the INC itself winning more than 200 seats. I Come to remember a line from movie SHAHID BHAGAT SINGH – Congress wants to be in government only by hook or by crook. they have no interest in public’s views and favor. INC is the first party to make an alliance to be in government

subhash mittal के द्वारा
July 17, 2011

सोनिया नीत कांग्रेस देश को ऐसे दोराहे पर लाके खड़ा कर देगी की देश में गृहयुद्ध जैसी सिथिथि हो जाइगी,दिग्गी तो दिग्गी amulbaby को क्या हो गया क्या प.म बन्ने की इतनी जल्दी है ,जब आपको पता है की आप हमले नहीं रोक सकते तो क्यों फालतू में ये जांच का ढोंग हो रहा है| दिग्गी तो एक संगठन पर संधे भी जता चुके है ,बस जा के उन्हें पकड़ लो क्यों देश का करोरो रुपया जांच की भेंट चड़ा रहे हो |सबको पता लग रहा है की आप लोग किसे खुश करने की कोशिश करने में लगे है |


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