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मोदी हैं हिट लेकिन लगते नहीं फिट

Posted On: 23 May, 2012 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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POLITICAL BLOG IN HINDI

यूपीए सरकार को लगातार आठ साल शासन करते हुए हो गए हैं लेकिन इन आठ सालों में उन्होंने जिन वजहों से चर्चा बटोरी है वह उनके खिलाफ ही है. घोटाले, भ्रष्टाचार, आतंकवाद और महंगाई के अलावा ना जानें कितने मुद्दे हैं जिन पर इस सरकार को जनता की खरी-खोटी सुनने पड़ी. एक सर्वे के अनुसार मनमोहन सरकार को आजादी के बाद सबसे भ्रष्ट सरकार का दर्जा दिया गया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की लोकप्रियता घटी है.


19-sep-swami-2लेकिन मनमोहन सिंह की घटती लोकप्रियता का सीधा फायदा मिला है गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को. नरेंद्र मोदी हाल के दिनों में भारत के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे हैं. नरेंद्र मोदी की कुशल रणनीति ने गुजरात को एक शानदार चमकता हुआ राज्य बना दिया है. नरेंद्र मोदी की सफलता का सबसे बड़ा राज है उनका कभी किसी के आगे नहीं झुकना. अपनी सद्भावना सभा के दौरान उन्होंने अपने सिद्धांतों के आगे ना झुकते हुए मुस्लिम टोपी पहनने से इंकार किया था. बुद्धिजीवियों की निगाह में यह धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन है लेकिन अगर वास्तव में निष्पक्ष रूप से देखा जाए तो यह मोदी का स्वाभिमान है जिसके आगे वह कभी नहीं झुकते. मोदी पर अक्सर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगता रहा है लेकिन वह कभी किसी मुस्लिम पार्टी के दबाव में नहीं आए और अपने राज्य में खुशहाली के लिए हर रास्ते पर आगे बढते रहे हैं.


लेकिन मोदी की यही ना झुकने की आदत उन्हें एक आदर्श प्रधानमंत्री बनने की राह में रोड़ा पैदा कर रही है. नरेंद्र मोदी से अमेरिका की अनबन और मुस्लिमों से उनका बैर कहीं ना कहीं उनके प्रधानमंत्री बनने के सपने में रोड़ा पैदा कर रहे हैं. और यही वजह है कि मोदी हिट तो हैं पर प्रधानमंत्री पद के लिए कई बार फिट नहीं लगते.


वहीं दूसरी ओर कांग्रेस सरकार हर बार अपने गठबंधन और सहयोगी पार्टी के प्रभाव में विकास के कदम आगे बढ़ाने की बजाय पीछे खींच लेती है. उम्मीद है अगर नरेंद्र मोदी अपने स्वभाव और आदर्शों में कुछ बदलाव करें तो उन्हें प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा सकता है.


Eight Years of UPA Government



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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jitendra manohar के द्वारा
June 1, 2012

मेरा मानना यह है सभी राजनीति पार्टिया भ्रस्ट है कोई देश का भला नहीं चाहता है अन्ना और रामदेव भला चाहते है तो अन्ना को अपनी टीम के साथ मिलकर एक राजनीति पार्टी का गठन करना चाहिए रामदेव को उस नेपाल वासी बालकिशन के साथ मिलकर अलग राजनीती पार्टी बने और दोनों अन्ना, रामदेव मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ना चाहिए पूरा देश मै भी इन्ही लोगो को वोट दूंगा इनकी गठबंधन की पूर्ढ़ बहुमत वाली सरकार होगी तब भी जन लोकपाल पास नहीं होगा ये सत्य है किसी सुप्रीम कोर्ट के वकील से पूछो अन्ना का लोकपाल क्या है रामदेव के काले धन का क्या मैटर है

jitendra manohar के द्वारा
June 1, 2012

यार बहुत से लोगो के मेरे कमेन्ट अन्ना और रामदेव के बारे पसंद नहीं आ रहे है लेकिन मेरी बात १०० फीसदी सच है भाई जनालोकपाल बिल कोई पार्टी नहीं चाहती तो सिर्फ कांग्रेस का विरोध क्यों क्या आपको पता है लोकपाल बिल बी.जे.पी.के समय भी आया था तब भी नहीं पास हुआ था अब भी बी.जे.पी.ने बिल का पूरी तरह नहीं समर्थन किया है और न ही करेगी समझो न कोई भी पार्टी इस बिल को नहीं चाहती पास इन्ही लोगो को करना है रही बात रामदेव की ये एक व्यापारी है इनकी कोई भी दवाई मुफ्त नहीं मिलती है पतंजलि और ग्लाक्सो कंपनी में कोई अन्तेर नहीं है बाबा को गंगा माता के बाद दुसरे आन्दोलन में पड़ना चाहिए था

jitendra manohar के द्वारा
June 1, 2012

नरेन्द्र मोदी वास्तव में महान व्यक्ति है उनके बराबर का इस वक़्त बी.जे.पी.में कोई नेता नहीं है यही उनकी पार्टी के लोगो को देखा नहीं जा रहा है नरेन्द्र जी ने जिस तरह गुजरात का विकाश किया है सभी चाहते है बी.जे.पी.को छोड़ कर वो इस देश के पी.एम् .बने लेकिन उनकी पार्टी का कोई सदस्य ये नहीं चाहता है अगर मोदी जी पी.एम्.बन गई तो इनकी पार्टी वाले जानते है ये योग्य व्यक्ति हम अयोग्यो को ख़तम कर देगा बी.जे.पी. में मोदी छोड़ कर सब अयोग्य हो गय है बी.जे.पी.कांग्रेस से ज्यादा बेकार है कांग्रेस अपने योग्य व्यक्ति की कदर तो करती है

ajay के द्वारा
May 23, 2012

भाजपा के लिए मोदी एक सवाल बनकर रह गए हैं. जिसका हल भाजपा को 2014 से पहले ढूंढना होगा.


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