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साल दर साल बढ़ते रेल हादसों की संख्या

Posted On: 29 May, 2012 न्यूज़ बर्थ में

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Rail Accidents in India

हर छह या सात महीनों में देश के अखबारों में अमूमन किसी ना किसी बड़े रेल हादसे की खबर आ ही जाती है. यह रेल हादसे एशिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क की खोखली परतें खोल देते हैं. एक बार फिर रेल यातायात की खोखली सच्चाई बयां करने के लिए आंध्र प्रदेश में एक रेल दुर्घटना हुई.


एक और घटना

बेंगलूर जा रही हम्पी एक्सप्रेस आंध्र प्रदेश के पेन्नेकोंडा स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग जख्मी हो गए. यह घटना रेल चालक के सिग्नल की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ. एक बार फिर रेल दुर्घटना के बाद रेल मंत्री ने पीड़ितों को मुआवजा देने की घोषणा कर दी. लेकिन क्या सिर्फ मुआवजा घोषित कर देने से रेल मंत्री अपनी जिम्मेदारी से हट सकते हैं.


Train accident रेल दुर्घटनाओं पर एक नजर (Rail Accident)

कर्नाटक में हंपी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ एक बार फिर यह साबित हो गया कि भारतीय रेल कितनी सुरक्षित है. अभी तक भारत में जितने हादसे हुए उनके बाद आई जांच रिपोर्ट में ज्यादातर हादसों में मानवीय गलती की बात सामने आई है. भारत में इस तरह के हादसे कोई नए नहीं हैं. इससे पहले कई हादसे हो चुके हैं जिनमें अभी तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. वर्ष 2012 में अभी तक सात हादसे हो चुके हैं. इनमें पच्चीस से ज्यादा लोगों की मौत हुई और सौ से ज्यादा घायल हुए हैं. अकेले मार्च 2012 में ही चार रेल हादसे हुए हैं जिसमें पंद्रह से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है.


आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2010 से अभी तक हुए रेल हादसों में ज्यादा घटनाएं रेल की पटरी से उतरने से हुई हैं. इन तीन वर्षों में कई रेल हादसे हुए और तीन सौ से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है.


Major Rail Accident in India: आंकड़ों के सहारे रेल की कहानी

वर्ष 2010 से अभी तक के बड़े रेल हादसे (Rail Accidents from 2010 to till date)

28 मई 2010 :- बिहार के मिदनापुर जिले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से 170 लोगों की मौत हुई.

19 जुलाई 2010 :- पश्चिम बंगाल के सैंथिया में सैंथिया एक्सप्रेस के वनआंचल एक्सप्रेस से टकराने से 63 लोगों की मौत हो गई और करीब 165 लोग घायल हो गए.

20 सितंबर 2010 :- इंदौर ग्वालियर एक्सप्रेस के एक मालगाड़ी से टकराने से 33 लोगों की मौत हो गई.

7 जुलाई 2011 :- मथुरा-छपरा एक्सप्रेस के एक बस से टकरा जाने से बस में सवार 38 लोगों की मौत हो गई और तीस घायल हो गए.

10 जुलाई 2011 :- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में कालका मेल के पटरी से उतर जाने से 70 लोगों की मौत हो गई और तीस से ज्यादा लोग घायल हो गए.

13 सितंबर 2011 :- चेन्नई एक्सप्रेस के एक मालगाड़ी से टकरा जाने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई.

22 नवंबर 2011 :- हावड़ा देहरादून एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से सात लोगों की मौत हो गई.

11 जनवरी 2012 :- ब्रहमपुत्र मेल के एक मालगाड़ी से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई.

20 मार्च 2012 :- उत्तर प्रदेश के महामाया नगर में रेलवे क्रासिंग पर एक ट्रेन के मिनी वैन के टकरा जाने से 15 लोगों की मौत हो गई.




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