blogid : 314 postid : 2095

धीरूभाई अंबानी: एक अजूबा कारोबारी

Posted On: 28 Dec, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

dhirubhai ambaniसफलता को मापने का दृष्टिकोण हर किसी के लिए अलग-अलग है. सफलता पाने के लिए किसी धनी व्यावसायिक घराने से जुड़ना बहुत ही जरूरी होता है. लेकिन भारत के बड़े कारोबारी धीरूभाई अंबानी के लिए सफलता एक बहुत ही बड़ा संघर्ष रहा. वह न तो किसी धनी परिवार से थे और न ही उनके पास परिवार का छोड़ा हुआ कोई बैंक बैलेंस था. उन्होंने जब कारोबार की दुनिया में कदम रखा था तो वह उस समय ‘जीरो’ पर थे.


Read: कला क्षेत्र के यह बड़े नाम जो नहीं रहे


धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर, 1932 को गुजरात के एक छोटे से गांव चोरवाड के एक स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ हीराचंद गोवरधनदास अंबानी के घर हुआ. धीरूभाई अपने पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे. परिवार की पांच संतानों में रमणीकलाल, नटवर लाल, धीरूभाई और दो बहनें त्रिलोचना और जसुमती शामिल हैं. घर की आर्थिक स्थिति सही न होने की वजह से उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और परिवार की मदद में लग गए. ऐसा माना जाता है वह शुरू-शुरू में गिरनार की पहाड़ियों पर तीर्थयात्रियों को पकौड़े बेचा करते थे. उनका कोकिलाबेन के साथ विवाह हुआ था और उनके दो बेटे (मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी) और दो बेटियां (नीना कोठारी और दीप्ति सल्गाओकर) हुईं.


Read: यह घिनौनी घटना भुलाए नहीं भूलेगी


धीरूभाई अंबानी जब 16 साल के थे वह यमन चले गए. वहां उन्होंने कुछ दिनों तक एक कंपनी में वितरक के रूप में काम किया. उसके बाद वह वापस मुंबई आ गए. तब धीरूभाई के पास 15000.00 की पूंजी थी. उस समय उन्होंने रिलायंस वाणिज्यिक निगम (Reliance Commercial Corporation) की शुरुआत की. रिलायंस वाणिज्यिक निगम का प्राथमिक व्यवसाय पोलियस्टर के सूत का आयात और मसालों का निर्यात करना था. धीरूभाई ने रिलायंस वाणिज्यिक निगम का पहला कार्यालय मस्जिद बन्दर के नर्सिनाथ सड़क पर स्थापित किया. जिस जगह यह कार्यालय था वह केवल 350 वर्ग फुट का कमरा था जहां एक टेलीफोन, एक मेज़, और तीन कुर्सियां थीं.


धीरूभाई अंबानी जोखिम लेने वाले बिजनेसमैन के रूप में जाने जाते थे. मसाले के काम से लाभ कमाने के बाद वह कपड़ा उद्योग की ओर मुड़े. धीरुभाई ने अहमदाबाद, नरोदा में कपड़ा मिल की शुरुआत की. इस तरह से उन्होंने 1966 में रिलांयस इड्रस्ट्री की स्थापना की. आज यह कंपनी 85000 कर्मचारियों के साथ काम कर रही है. रिलायंस इंड्रस्ट्री का 2012 में फॉर्चून की 100 बड़ी कंपनियों में नाम रहा. धीरूभाई ने कपड़े बनाने वाली विमल ब्रांड की भी शुरुआत की जो कि उनके बड़े भाई रमणीकलाल अंबानी के बेटे, विमल अंबानी के नाम पर रखा गया था.


6 जुलाई, 2002 को धीरूभाई अंबानी ने दुनिया से विदा ली. उनके निधन के बाद रिलायंस ग्रुप को बांट दिया गया. रिलायंस इंड्रस्ट्री लिमिटेड मुकेश अंबानी के पास है जबकि ‘रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी’ अनिल अंबानी के पास है.


Read:

टाटा समूह के ‘रत्न’ हैं रतन टाटा

Top Business News 2012


Tag: Dhirajlal Hirachand Ambani,  Reliance Industries, Indian business tycoon, Mukesh Ambani, Anil Ambani, धीरूभाई अंबानी, कारोबारी, रिलांयस उद्योग, मुकेश अंबानी.



Tags:                           

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran