blogid : 314 postid : 788062

मंगलयान मिशन के नायक: इन वैज्ञानिकों ने विश्व में भारत को किया गौरवान्वित

Posted On: 24 Sep, 2014 Hindi News में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

इस ब्रह्मांड में क्या कोई ग्रह और भी है जहाँ पृथ्वी जैसी जीवन की संभावना है? यह महत्वपूर्ण प्रश्न कई वर्षों से विश्व भर के वैज्ञानिकों के दिमाग में तरह-तरह से आकार ले रहा है. अमेरिका, चीन, रूस और अन्य कई देश वर्षों से इस प्रश्न का उत्तर ढूँढ़ने के लिए अंतरिक्ष में अपने-अपने यान भेज रहे थे. इसके पीछे उन सबकी मंशा इस अभियान में आगे बढ़ कर खोज करने और विश्वभर में अपनी प्रौद्योगिकी का लोहा मनवाने की थी, पर बिना फल की इच्छा के कर्म करने वाला और विश्व भर को शून्य देने वाले भारत ने इस अभियान में सफलता हासिल कर ली है. और यह अभियान नासा जैसे किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन ने नहीं बल्कि, स्वदेशी इसरो ने चलाया था. आइए जानें इस सफलता के सूत्रधारों को जिनकी बदौलत आज सुबह हमारी आँखे खुलते ही सीना चौड़ा हो गया.


04pic


भारत ने अपने मंगल मिशन में सफलता हासिल कर ली है. हमारे भारतीय वैज्ञानिकों ने वो कर दिखाया है जिसे दुनिया भर के वैज्ञानिक करना चाह रहे थे. मंगल मिशन की कामयाबी ने भारत को अपने पहले ही प्रयास में मंगल पर पहुँचने वाला पहला देश बना दिया है. इस सफलता के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक कर दिए थे. आइए, जानते हैं ऐसे श्रद्धेय वैज्ञानिकों को जिनके प्रयासों ने हमें गौरवान्वित होने का एक और मौका दिया.


IN02_RADHAKRISHNAN_98224f


के. राधाकृष्णन- एसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के राधाकृष्णन इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे. इसरो की गतिविधियों की निगरानी इनकी जिम्मेदारी है.


Dr.Mylswamy Annadurai


Read:  गुप्त साधनाओं के लिए मशहूर इन श्मशानों की हकीकत आपके रोंगटे खड़े कर देगी


एम. अन्नादुरई- मंगल अभियान के निदेशक के पद पर कार्य कर रहे एम. अन्नादुराई ने वर्ष 1982 में इसरो में अपनी सेवा देनी प्रारंभ की थी. इन्होंने कई परियोजनाओं का नेतृत्व किया है. इनके पास बजट प्रबंधन, शैड्यूल और संसाधनों की भी जिम्मेदारी है. ये चंद्रयान-१ परियोजना के भी निदेशक रह चुके हैं.


s. ramakrishnan


Read:  वीडियो में देखिए कि वो कौन था जिसके पास अपना शरीर नहीं सिर्फ परछाई थी, जिसे देख दर्शक भयभीत हो गए


एस. रामाकृष्णन- विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक और लॉन्च अथॉरिजन बोर्ड के सदस्य है. वर्ष 1972 में इन्होंने इसरो में योगदान देना शुरू किया था. पीएसएलवी को बनाने में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.


s.shivkumar

एस. के. शिवकुमार- शिवकुमार इसरो उपग्रह केंद्र के निदेशक हैं. वर्ष 1976 में इसरो में योगदान के बाद इन्होंने कई भारतीय उपग्रह अभियानों में अपना योगदान दिया है.


Read more:

मृत्यु से कई माह पूर्व मिलने लगते हैं संकेत, जानिए क्या हैं भगवान शिव द्वारा बताए गए मृत्यु पूर्वाभास

खेलने को मजबूर कर देती हैं वो आत्माएं

जब जानवर करें रेप तो किसे सुनाएं




Tags:               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran