blogid : 314 postid : 965076

बेटे के इलाज के लिए दिल्ली पहुंचा पिता अब मांग रहा है भीख

Posted On: 30 Jul, 2015 Hindi News में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

दिल्ली के बारे में कहा जाता है कि ये बहुत कुछ देती है. अपने बेटे के ईलाज के लिये अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पहुँचे एक पिता को अपनी जीविका चलाने के लिये भीख माँगनी पड़ रही है. उसके पास दैनिक खर्चों और पेट को शांत करने के लिये पैसे नहीं है.


nepalese son


यह सच्चाई है 32 वर्षीय बिहारी शाह कानू की. पिछले 07 महीनों से सड़क किनारे गुजर-बसर कर रहे कानू को भीख माँग कर गुजारा करना पड़ रहा है. काठमांडू निवासी बिहारी शाह कानू की पत्नी के गर्भ में उसके बेटे के कानों का विकास नहीं हो सका जिसके कारण वह सुन नहीं सकता. प्रदीप की बीमारी को चिकित्सीय भाषा में बाइलेट्रल मायक्रोटिया कहते हैं. अपने बेटे प्रदीप गुप्ता के ईलाज का निश्चय कर आये कानू दिल्ली की सड़कों पर बीती जनवरी से रह रहे हैं. इस बीमारी से ग्रसित इंसान के बाहरी कानों का विकास नहीं होता और उसे श्रवण संबंधी अन्य समस्यायें होने की आशंका रहती है.


Read: 90 फीसदी पूरी तरह से ठीक होकर जाते हैं यहां से मरीज!


नेपाल में कबाड़ी डीलर का काम कर चुके बिहारी की दैनिक आय महज 200 रूपये(नेपाली मुद्रा) थी. यहाँ पहुँचने पर उसकी सारी जमा आय बस और रेल के किराये में खर्च हो गयी. पैसों की कमी के कारण वह अपनी पत्नी की शव यात्रा में शरीक नहीं हो सके. उनकी पत्नी की मौत नेपाल में आये भूकंप के दौरान हो गयी जिसकी जानकारी उन्हें फोन पर परिजनों ने दी.


nepalese father


नेपाल में उसके बेटे के ईलाज के खर्च के रूप में चिकित्सकों ने उससे 13 लाख रूपये माँगे. इस खर्च का वहन उसकी क्षमता से बाहर था. इसलिये उसने भारत के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का रूख किया. इस संस्थान के चिकित्सक उसके बेटे के ईलाज में मदद को तैयार हैं किंतु उसके बावजूद उसे करीब 3,00,000 रूपयों का इंतजाम करना है. उसे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से उसे कुछ पैसे मिल जायेंगे, लेकिन ईलाज के लिये शेष रकम के जुटान की परेशानी अब भी उसके सामने है.Next….

Read more:

इस दवा के खाने से 23 साल की युवती बन गई वृद्ध महिला!

यह दवा खाकर सड़क पर नंगे ही दौड़ पड़ते हैं लोग

नल से टपकते पानी और धन की बर्बादी का क्या है संबंध




Tags:               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran