blogid : 314 postid : 1314871

‘शादी में क्या-क्या बना रहे हैं?’ सरकार पूछ सकती है ये सवाल, 5 लाख से ज्यादा खर्च किए तो इसके लिए रहें तैयार

Posted On: 17 Feb, 2017 Hindi News में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

सोने के भारी-भारी जेवरों से दुल्हन इस कदर लदी हुई थी कि जेवरों के अंदर से दुल्हन को ढूंढ पाना मुश्किल लग रहा था, शादी में पकवानों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि प्लेटें छोटी पड़ रही थी, वीआईपी मेहमानों को लाने के लिए प्राइवेट प्लेन हॉयर किए गए थे, बीएमडब्ल्यू गाड़ियों का काफिला दुल्हन को विदा करने आया था.


wedding bill


आपने मीडिया में शाही शादियों से जुड़ी ऐसी खबरों को खूब सुना होगा. नोटबंदी के दौर में जहां आम जनता 500-500 रुपए के लिए घंटों लाइनों में हालात पर आसूं बहा रही थीं, वहीं कई उद्योगपति अपने बेटे-बेटी की शादियों में पानी की तरह पैसे बहा रहे थे, बल्कि आम जनता के लिए तो हालात यहां तक थे कि अपने ही पैसे निकालने के लिए शादी का कार्ड दिखाना पड़ता था. नोटबंदी के दौर में ऐसे-ऐसे दिन देखने पड़े जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी.


wedding 7

बहरहाल, शाही शादियों में पैसों की बर्बादी को देखते हुए सरकार ने एक और कदम उठाया है. संसद में एक नया बिल लाया जा रहा है जिसके मुताबिक शादी में फिजूलखर्ची को देखते हुए शादी में आने वाले मेहमानों की संख्या तय की जाएगी. इसके अलावा आप शादी में क्या-क्या पकवान बना रहे हैं, इसकी जानकारी भी सरकार को देनी होगी.


wedding 5


5 लाख से ज्यादा खर्च करने पर 10 फीसदी दान भी करना होगा

बिल के मुताबिक, अगर कोई फैमिली शादी मे 5 लाख रुपए से ज्यादा खर्च करती है, तो उसे इस अमाउंट का 10फीसदी गरीब परिवार की लड़की की शादी के लिए डोनेट करना होगा. इस बिल को (Compulsory Registration and Prevention of Wasteful Expenditure) Bill, 2016, के नाम से लिस्ट किया गया है. ये प्राइवेट मेंबर बिल है, जो लोकसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा.


stall


60 दिनों के अंदर करवाना होगा रजिस्ट्रेशन

बिल में कहा गया है कि अगर ये बिल कानून में तब्दील होता है, तो सभी शादियों का 60 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. सरकार मेहमानों की संख्या के अलावा शादी के दूसरे खर्चों जैसे पकवान, सजावट आदि पहलुओं पर भी नजर रखेगी.


wedding 3


ये है इस बिल को लाने का मकसद

देश की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को देखते हुए सरकार ने इस बिल को लाने का कदम उठाया है. सरकार का मानना है कि आमतौर पर देखा गया है कि शादियों में अमीर लोग फिजूलखर्ची करते हैं, जिसे देखकर गरीब या निचले मध्यवर्गीय लोगों पर भी दबाव आ जाता है, जिससे समाज में दहेज प्रथा, हिंसा आदि मामलों में भी इजाफा हो सकता है.


150371545


अब देखना ये है नोटबंदी की तरह सुधार के लिए उठाया गया ये कदम, जनता के लिए कितना कारगर साबित होता है…Next


Read More :

20 करोड़ का मंडप, हीरे के जेवरों से लदी दुल्हन : ये थी 55 करोड़ की शादी

ये हैं देश की 8 रॉयल फैमिलीज, शाही है इनका अंदाज

इस भव्य शादी में हर कोई हुआ मालामाल, दुल्हे को मिली मंहगी गाड़ी तो बारातियों को मिली बाइक्स, सोने के सिक्के और अंगूठियां



Tags:                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments




अन्य ब्लॉग

latest from jagran