blogid : 314 postid : 1351310

राम रहीम की सब्‍जी मंडी: भक्‍तों को बेचता था 5000 में एक पपीता और 1000 रुपये में एक मिर्च

Posted On: 6 Sep, 2017 Hindi News में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

जेल जाने से पहले गुरमीत राम रहीम सिंह की चर्चाएं जितनी होती थी, उससे कहीं ज्‍यादा सुर्खियों में वो जेल जाने के बाद है। गुरमीत सिंह के एक से बढ़कर एक करनामे सामने आ रहे हैं। इन दिनों एक नई जानकारी सामने आई है कि बाबा अपने अनुयायियों से खेतों में मजदूरी कराता था।  इसके बाद उन्‍हीं खेतों में पैदा होने वाली सब्जियों को प्रसाद के नाम पर अनापशनाप दामों में अनुयायियों को बेचता था। अंधभक्‍त भी बाबा का प्रसाद मानकर बड़े चाव से 1000 रुपये में एक मिर्ची और 5000 रुपये में एक पपीता खरीदकर खुद को धन्‍य मानते थे। आइये जानते हैं गुरमीत सिंह के इस कारनामे के बारे में।


ramrahim


भक्‍तों से एक दिन में 100 एकड़ की करावाता था निराई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरमीत सिंह के डेरे के अंतर्गत करीब 700 एकड़ जमीन है, जिसमें काम कराने के लिए उसे कभी मजदूरों को नहीं ढूंढना पड़ा। उसके अंधभक्त मुफ्त में डेरे के खेतों में सेवा करते थे। इस सेवा के नाम पर 100 एकड़ जमीन की निराई एक दिन में हो जाती थी। इसके बाद इन्‍हीं खेतों में होने वाली सब्जियों को गुरमीत सिंह अपने भक्तों को सोने के भाव से बेचा करता था। बाबा के हाथ की उगी सब्जी बताकर डेरे के कर्मचारी अनुयायियों को उसे हजारों के दाम में बेचते थे। इससे गुरमीत सिंह लाखों रुपये बनाता था।

ramrahim1


अंधभक्ति में खरीदते थे सब्‍जी

राम रहीम के भक्त अंधविश्वास में इन सब्जियों को खरीदते थे। अंधभक्ति ऐसी थी कि बाबा के बाग की सब्जी का स्वाद हर कोई चखना चाहता था। परिवार के एक सदस्य को भी हजारों रुपये में मटर का एक दाना मिलता, तो वो खुद को धन्य समझता। बताया जाता है कि लोगों को यह विश्‍वास था कि बाबा की सब्‍जी खाने के बाद संकटों से मुक्ति मिलेगी और वे हमेशा निरोग रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, हफ्ते-पंद्रह दिन में एक बार डेरे की सब्जी को गुरमीत राम रहीम का एक आदमी सभी तक पहुंचाता था। वो उसका पैकेट बनाकर उसे डेरा भक्तों को बेचता था। सब्जी से इकट्ठा होने वाला पैसा डेरा मैनेजमेंट को भेजा जाता था।


ramrahim2


लोगों तक सब्जियां पहुंचाने के लिए बनाई भंगीदास प्रथा

सूत्रों के मुताबिक, इन सब्जियों को गुरमीत सिंह के अनुयायियों के घर पहुंचाने की जिम्‍मेदारी भंगीदास की होती थी। भंगीदास डेरे के वे अनुयायी हैं, जो नाम चर्चा घर में मंच का संचालन करते हैं। ग्रामीण और शहरी नाम चर्चा घरों के भंगीदार अलग-अलग होते हैं। इन दोनों के ऊपर ब्लॉक का भंगीदास होता है। डेरा सच्‍चा सौदा को घर-घर से जोड़ने के लिए ही राम रहीम ने भंगीदास प्रथा बनाई थी।


ramrahim3


कुछ ऐसी होती थी सब्जियों की रेट लिस्‍ट

- बैंगन 1000 रुपये और साइज बड़ा होने पर दाम बढ़ जाते थे।

- 5000 रुपये का एक पपीता।

- मटर के पांच दानों का पैकेट 1000 रुपये।

- एक हरी मिर्च 1000 रुपये।

- एक टमाटर 1000 रुपये।

Read More:

पंजाब-हरियाणा के इन डेरों पर बड़े-बड़े राजनेता आते हैं नजर

कभी किराये पर रहती थी हनीप्रीत, ऐसे आई राम रहीम के संपर्क में और बदल गई किस्‍मत

एक झोपड़ी से हुई थी डेरा सच्‍चा सौदा की शुरुआत, आज कई देशों में फैला है साम्राज्‍य



Tags:                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran