blogid : 314 postid : 1358692

अन्ना से निर्भया तक, इन बड़े आंदोलनों का गवाह बना जंतर-मंतर अब हो जाएगा खामोश!

Posted On: 6 Oct, 2017 Hindi News में

Shilpi Singh

  • SocialTwist Tell-a-Friend

देश में शायद ही कोई ऐसा इंसान हो, जिसने जंतर मंतर का नाम न सुना हो. लोग इसे धरने प्रदर्शन की जगह के तौर पर जानते हैं। हर रोज होने वाले धरने-प्रदर्शनों के कारण यह स्थान धरना स्थल बन गया है। संसद भवन के नजदीक होने की वजह से हर कोई यहां अपनी आवाज बुलंद करना चाहता है, ताकि देश के नीति निर्माताओं तक वह आवाज पहुंच सके। यह देश के कई बडे आंदोलन का गवाह बना है। लेकिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों के लिए बुरी खबर है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार को इस सम्बन्ध में निर्देशित करते हुए आदेश दिया है कि, जंतर-मंतर इलाके में चल रहे सभी धरना-प्रदर्शन और लोगों के जमा होने पर शीघ्र रोक लगाई जाये।


cover jantar mantar



जानें क्यों लग रही है जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आज दिल्ली सरकार को आदेश देते हुए कहा कि जंतर-मंतर इलाके में चल रहे सभी धरने-प्रदर्शन और लोगों का जमा होना तुरंत रोका जाए। न्यायमूर्ति आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार, एनडीएमसी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त जंतर-मंतर पर धरना, प्रदर्शन, आंदोलनों, लोगों के इकट्टा होने, लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल आदि को तुरन्त रोकें। इसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शांतिपूर्ण और आरामदायक ढंग से रहने का अधिकार है और उनके आवासों पर प्रदूषण मुक्त वातावरण होना चाहिए।


jantar



अब रामलीला मैदान में होगा प्रदर्शन

अधिकरण ने प्रदर्शनकारियों, आंदोलनकारियों और धरने पर बैठे लोगों को वैकल्पिक स्थल के रूप में अजमेरी गेट में स्थित रामलीला मैदान में तुरन्तस्थानांतरित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। एनजीटी का कहना है कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शनों से ध्वनि प्रदूषण होता है।

ramlila



इन जन आंदोलनो का गवाह रहा है जंतर मंतर

1. जस्टिस फॉर निर्भया

16 दिसंबर 2012 दिल्ली की दमान पर एक ऐसा दाग जो शायद कभी नहीं धूल पाएगा। इस रेप केस ने पूरी दिल्ली और पूरे भारत को हिला कर रख दिया था। जब ये मामला मीडिया में आया उसके बाद लोगो ने कई महीनों तक जंतर मंतर पर निर्भया के लिए लड़ते रहे और उसकी याद में कैंडल मार्च निकालते रहे। लोगों के इस गुस्से की वजह से रेप के आरोपियो पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत मुकदमा चला था, हालांकि अब भी इसांफ का इंतजार है।



delhi-gangrape



2. जनलोकपाल आंदोलन में फूंकी जान

देश से भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए जनलोकपाल कानून बनाने की डिमांड को लेकर साल 2011 में आंदोलन हुआ था। यह आंदोलन समाजसेवी अन्ना हजारे ने जंतर मंतर पर किया था। इसे जनता भरपूर समर्थन मिला और इसके बाद जनलोकपाल के समर्थन में देश के कोने कोने से आवाजें उठने लगीं। इसके बाद रामलीला मैदान में भी आंदोलन हुआ, जहां हजारों लोग एकजुट हुए। हालांकि टीम अन्ना टूटने की वजह से यह आंदोलन ठंडा पड गया।



Anna Hazare




3. वन रैंक वन पेंशन

वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर जून, 2015 में पूर्व सैनिकों ने आंदोलन शुरू किया था। सैनिकों ने अपने मैडल तक वापस देने को तैयार थे। यहीं सैनिक भूख हड़ताल पर बैठे, जंतर पर आंदोलन शुरू करने के बाद देश के कोने कोने में पूर्व सैनिकों ने आवाज बुलंद की। इससे सरकार को सैनिकों की मांगें मानने पर मजबूर होना पडा। हालांकि कुछ सैनिक इससे बहुत खुश नहीं थे।



One Rank One



4. रामसेतु बचाने को आंदोलन


ram-setu-1


भारत और श्रीलंका के बीच की जगह जिसे एडम ब्रिज का नाम दिया गया को हटाने के फैसले के बाद देश में रामसेतु आंदोलन हुआ है। साल 2007 में यह जंतर मंतर पर भी हुआ, इसमें हजारों की तादाद में लोग इकटठे हुए। यूपीए सरकार से बीजेपी और हिंदू संगठनों ने इसे न तोडने की डिमांड की गई। यह आंदोलन देश के कोने कोने तक गया था।…Next



Read More:

यूपी के इस शहर में बनेगा मोदी मंदिर, शाह करेंगे शिलान्‍यास!
महज 3000 रुपये के लिए आदित्य नारायण ने की थी एयरपोर्ट पर गाली-गलौज
नोटंबदी के 11 महीने बाद भी बैंककर्मियों को नहीं मिला ओवरटाइम का पैसा, अब करेंगे हड़ताल!

यूपी के इस शहर में बनेगा मोदी मंदिर, शाह करेंगे शिलान्‍यास!

महज 3000 रुपये के लिए आदित्य नारायण ने की थी एयरपोर्ट पर गाली-गलौज

नोटंबदी के 11 महीने बाद भी बैंककर्मियों को नहीं मिला ओवरटाइम का पैसा, अब करेंगे हड़ताल!



Tags:                                 

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran